
सरदार पटेल साहस व राष्ट्रीय एकता के प्रतीक थे: शशि कुमार
हुसैनाबाद, पलामू : सोमवार को शहर के पटेल नगर स्थित देश के प्रथम गृह मंत्री व एकता राष्टीय एकता के प्रणेता भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्थापित आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर 75 वी पुण्यतिथि पर लोगो ने श्रद्धांजलि अर्पित किया और उनके जीवन चित्रण पथ पर चलने व राष्ट्रीय एकता व अखण्डता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया,मौके पर नगर पंचायत के निवर्तमान अध्यक्ष शशि कुमार,उपाध्यक्ष गयासुद्दीन सिद्दीकी,झामुमो नेता छेदी खान,राजद नेता जाकिर अली उर्फ राज अली,कलमुदिन खान,करीम खान,पत्रकार गौतम पटेल,प्रदीप पटेल माल्यार्पण अर्पित कर याद किया,मौके नगर अध्यक्ष शशि कुमार ने कहा की
आज भारत पूरे देश में स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता और पहले उपप्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री, सरदार वल्लभभाई पटेल 75वीं पुण्यतिथि मना रहा है। उनका निधन 15 दिसंबर 1950 को हुआ था, लेकिन उनके योगदान और नेतृत्व की छवि आज भी भारतीय जनता के दिलों में जीवित है। उन्हें “भारत का लौह पुरुष” कहा जाता है, और यह उपाधि उनके दृढ़ नेतृत्व, साहस और राष्ट्रीय एकता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण मिली है।छेदी खान ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल कानून की पढ़ाई पूरी की और एक सफल वकील के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। स्वतंत्रता संग्राम में उनका नाम जल्दी ही प्रमुख रूप से उभरा। महात्मा गांधी के नेतृत्व में आंदोलन में शामिल होकर पटेल ने भारतीय जनता को अंग्रेजों के खिलाफ संगठित किया। उनके नेतृत्व में भूमि सुधार और किसान आंदोलनों ने अंग्रेजों की नीतियों के खिलाफ सामूहिक संघर्ष को मजबूत किया और आजादी के बाद भारत के विभिन्न 600 रियासतों को एक मे मिलाकर एक मजबूत राष्ट का निर्माण किया गया,उनकी राजनीतिक व कुटिल कौशल आजीवन विश्व के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।






